भारत की तीसरी सबसे बड़ी दूरसंचार कंपनी जियो 3 लाख करोड़ कर्ज में डूबी

व्यापार – 24 अपै्रल 2019

अरबपति कारोबारी मुकेश अंबानी रिलायंस जियो में हिस्सेदारी बेचने के इच्छुक हैं। जापान का सॉफ्टबैंक जियो में दो से तीन अरब डॉलर निवेश करने पर विचार कर रहा है। जापान का सॉफ्टबैंक दूरसंचार क्षेत्र की तेजी से बढ़ती कंपनी रिलायंस जियो में दो से तीन अरब डॉलर निवेश करने पर विचार कर रहा है।

सूत्रों के मुताबिक अरबपति कारोबारी मुकेश अंबानी कारोबार में हिस्सेदारी बेचने के इच्छुक हैं। आरआईएल ने टेलिकॉम क्षेत्र में प्रवेश के लिए रिलायंस जियो को पैसा दिया है, जिसके चलते कुल कर्ज तीन लाख करोड़ हो गया है। वित्तीय मामलों के जानकार का कहना है कि, यह समझदार मार्केट पॉलिसी है।

सूत्रों के मुताबिक जेपी मॉर्गन ने अपनी एक शोध रपट में कहा कि, ‘सॉफ्टबैंक को लंबे समय से जियो में एक संभावित निवेशक के तौर पर देखा जा रहा है। पिछले दो साल में हमने कई निवेशकों से बातचीत की जिसमें सॉफ्टबैंक के जियो में निवेश करने की संभावनाओं को उजागर किया गया है। सॉफ्टबैंक जियो में वास्तव में कितना पैसा निवेश करता है और क्या इसमें ई-वाणिज्य कारोबार को भी शामिल किया जाएगा?

सॉफ्टबैंक का ‘विजन फंड’ वर्तमान में जियो इंफोकॉम में हिस्सेदारी खरीदने को लेकर जांच-परख कर रहा है। कंपनी ने सितंबर 2016 में अपनी सेवा शुरू की थी और मात्र दो साल के भीतर ही वह भारत की तीसरी सबसे बड़ी दूरसंचार सेवाप्रदाता कंपनी बन गई।

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