पाकिस्तान वित्त मंत्री का बड़ा बयान-आर्थिक गति गडबड़ाने से पाकिस्तान के दिवालिया होने के आसार

इस्लामाबाद – 4 अप्रैल 2019

पाकिस्तान के वित्त मंत्री असद उमर ने बुधवार को ये दावा किया है कि पाकिस्तान पर मूल ऋण इतना अधिक हो चुका है कि वह दिवालिया होने की कगार पर है। उमर ने ये बात इस्लामाबाद में सोशल मीडिया के साथ देश की अर्थव्यवस्था के संबंध में सवाल जवाब के विशेष सत्र में कही।

सूत्रों के मुताबिक उन्होंने कहा, “आप इतने भारी ऋण के बोझ के साथ अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (आईएमएफ) के पास जा रहे हैं। हमें भारी अंतर को भरना है।” एशियाई विकास बैंक (एडीबी) ने व्यापक आर्थिक चुनौतियों का हवाला देते हुए कहा है कि वित्त वर्ष 2018 में पाकिस्तान की वृद्धि दर 5.2 फीसदी से गिरकर 2019 में 3.9 फीसदी पर आने का अनुमान है।
सूत्रों के मुताबिक वित्त मंत्री ने कहा कि पहले की तरह महंगाई अभी दहाई अंक नहीं छू पाई है। पहले महंगाई ने समाज के हर तबके को समान रूप से प्रभावित किया। उन्होंने कहा कि महंगाई ने गरीबों पर अधिक असर डाला है

असद उमर ने इस बात को माना है कि देश में मंदी चल रही है और रोजगार की दर भी धीमी है। उन्होंने पूर्व वित्त मंत्री इशाक डार का नाम लेते हुए कहा, “मेरी सारी नीतियां इशाक डार की तरह हैं, जबकि उन्होंने अर्थव्यवस्था को चौपट करने का आरोप लगाया है। उनके कार्यकाल के दौरान पाकिस्तान के इतिहास में पहली बार निर्यात नहीं बढ़ा, डॉलर मजबूत हुआ। पहले की नीतियों के कारण हमें इतना नुकसान हुआ है।”

पाकिस्तान में महंगाई की दर इस वक्त काफी ऊंची है। यहां मार्च 2019 में ये दर पांच वर्ष के उच्चतम स्तर 9.41 फीसदी पर पहुंच गई है। पाकिस्तान सांख्यिकी ब्यूरो की ओर से सोमवार को बयान जारी कर कहा गया है कि महंगाई बढ़ने से गरीबी रेखा में रहने वालों की संख्या में 40 लाख का और इजाफा हो जाएगा।

साथ ही इस साल दस लाख लोग और बेरोजगार हो जाएंगे। इससे पहले 2014 में ये दर 9.2 फीसदी थी। बीते महीने के मुकाबले ये महंगाई 1.42 फीसदी बढ़ गई है। आर्थिक विकास की गति तीन फीसदी नीचे रहने से देश मुद्रास्फीति जनित मंदी के जाल में फंस सकता है। ऐसा होने पर वस्तुओं और सेवाओं के दाम में बढ़ोतरी होती है। ऐसे में आर्थिक विकास की गति मंद पड़ जाती है।

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