अपनी ही फिल्म के लेखक के साथ राकेश ओम प्रकाश मेहरा ने क्यों की नाइंसाफी?

चार साल की कड़ी मेहनत के बाद एक बेहतरीन स्क्रिप्ट तैयार कर देने वाले लेखक मनोज मैरता का नाम राकेश ओमप्रकाश मेहरा ने अपने फिल्म के पोस्टर में देना भी ज़रुरी नहीं समझा, जबकि यह हकीकत है कि बिना अच्छे लेखक के फिल्म नहीं बन सकती।

दरअसल बात यह है कि ‘टॉयलेट एक प्रेमकथा’ के बाद राकेश ओम प्रकाश मेहरा की फिल्म ‘मेरे प्यारे प्राइम मिनिस्टर’ रिलीज़ को तैयार है और वह भी इसी विषय वस्तु पर आधारित है। लेकिन जब इस फिल्म का पहला पोस्टर रिलीज़ हुआ तो उसपर इस फिल्म के लेखक का नाम ही नदारद मिला।

झुग्गी-झोपड़ी के एक बच्चे के संघर्ष ने, इस लेखक को दिलाया बॉलीवुड में मुक़ाम

इस फिल्म के लेखक हैं मनोज मैरता जिन्होंने अपनी पढ़ाई के दौरान झुग्गी बस्ती के एक बच्चे के शौचालय बनवाने के संघर्ष को देख उसे अपने कलम से पिरोकर राकेश ओमप्रकाश मेहरा को दिया जिसपर उन्होंने इस फिल्म का निर्माण किया किंतु अंत में मनोज के साथ धोखा हुआ और वे स्वयं को ठगा सा महसूस कर रहे हैं।

मनोज ने ट्वीट कर अपनी नाराज़गी जताई है।

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