दुनिया के सबसे बड़े धार्मिक कार्यक्रम में, 3 करोड़ से अधिक श्रद्धालु, इमाम हुसैन का चेहलुम मनाने कर्बला पहुंचे

दुनिया के 80 देशों से श्रद्धालु, इराक़ के शहर कर्बला पहुंचे हैं और प्रशासन के अनुसार अब तक लगभग 3 करोड़ श्रद्धालु,  कर्बला शहर में दाखिल हो चुकें हैं.सबसे  ज्यादा संख्या में ऐशिया से लोग यहाँ पहुंचे हैं. 

करबला के स्थानीय प्रशासन के अनुसार गुरूवार की रात तक 3 करोड़ 10 लाख श्रद्धालु पवित्र नगर करबला में प्रवेश कर चुके थे। दुनिया के इस सबसे बड़े धार्मिक आयोजन में इराक़ के अलावा ईरान, भारत, पाकिस्तान, बांग्लादेश, अमेरिका, ब्रिट्रेन, कनाडा और आस पास के अरब देशों और यूरोपीय देशों सहित कुल 80 देशों के 3 करोड़ के से अधिक श्रद्धालु भाग ले रहे हैं।

इस्लामी गणतंत्र ईरान सहित अन्य देशों के लाखों लोग इमाम हुसैन का चेहलुम मनाने करबला पहुंचे हैं। प्राचीन परंपरा के तहत लाखों इराक़ियों सहित दूसरे देशों के श्रद्धालु, पवित्र नगर नजफ़ से पैदल चलकर करबला पहुंच रहे हैं। इसी तरह स्वयं इराक़ी श्रद्धालु अपने-अपने शहरों से सैकड़ों किलोमीटर का सफ़र तय करके लाखों की संख्या में पैदल चलकर चेहलुम के अवसर पर करबला पहुंच चुके हैं। गुरूवार की रात से ही करबला में श्रद्धालुओं का जनसैलाब ठाठे मार रहा है। दुनिया के इस सबसे बड़े धार्मिक कार्यक्रम के लिए इराक़ सरकार ने कड़ी सुरक्षा व्यवस्था का प्रबंध किया है। तकफ़ीरी आतंकवादी गुट दाइश के ख़तरों और दुश्मनों की साज़िशों से निपटने के लिए इराक़ के स्वयंसेवी बलों के जियाले दिन-रात एक करके चप्पे-चप्पे पर नज़र रखे हुए हैं। करबला पहुंचे श्रद्धालु बिना किसी डर के पूरी श्रद्धा के साथ चेहलुम के कार्यक्रम में भाग ले रहे हैं।

 

उल्लेखनीय है कि इराक़ के सुरक्षा अधिकारियों के मुताबिक़ इस वर्ष नजफ़ से करबला तक मिलयन मार्च और करबला में चेहलुम के कार्यक्रम की सुरक्षा के लिए कुल 35 हज़ार सुरक्षाकर्मी तैनात किए गए हैं। वर्षों से युद्ध और आतंकवाद से जूझ रहे इराक़ में दुनिया के सबसे बड़े धार्मिक कार्यक्रम का पूरे शांतिपूर्ण ढ़ंग से आयोजन, इराक़ी सेना की ऊर्जा और क्षमता को दर्शाता है।

इस बार सुरक्षा का पैमाना काफ़ी हाई है और आतंकी हमले की आशंका जताई जा रही थी, लेकिन सुरक्षा के इतने पुख्ता इंतज़ाम है, जिसके चलते परिंदे का भी पर मारना आसान नहीं होगा.

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