मैरी कॉम ने जीता एशियाई मुक्केबाज़ी चैंपियनशिप में सोना

भारतीय मुक्केबाजी की ‘वंडर गर्ल’ एम सी मैरी कॉम ( 48 किलो ) ने एशियाई मुक्केबाजी में पांचवीं बार गोल्ड मेडल अपने नाम कर लिया। पांच बार की विश्व चैंपियन और ओलिंपिक ब्रांज मेडल विजेता मैरी कॉम ने उत्तर कोरिया की किम ह्यांग मि को 5-0 से हराया।

यह 2014 एशियाई खेलों के बाद मैरी कॉम का पहला अंतरराष्ट्रीय गोल्ड मेडल है और एक साल में उनका पहला मेडल है। 35 बरस की मैरी कॉम का सामना किम ह्यांग मि के रूप में सबसे आक्रामक प्रतिद्वंद्वी से था, लेकिन वह इस चुनौती के लिए तैयार थीं। अब तक पहले तीन मिनट एक दूसरे को आंकने में जाते रहे थे, लेकिन इस मुकाबले में शुरूआती पलों से ही खेल आक्रामक रहा।

मैरी कॉम ने अपनी प्रतिद्वंद्वी के हर वार का माकूल जवाब दिया, दोनों ओर से तेज पंच लगाए गए। मैरी कॉम उनके किसी भी वार से विचलित नहीं हुईं और पूरे सब्र के साथ खेलते हुए जीत दर्ज की।

बॉक्सिंग फेडरेशन ऑफ इंडिया की और से जारी विज्ञाप्ति में अध्यक्ष अजय सिंह ने इस जीत पर मैरी कॉम की तारीफ करते हुए कहा, ’35 साल की उम्र में तीन बच्चों की मां होने के बावजूद मैरी कॉम की यह उपलब्धि शानदार है। उन्होंने खुद को साबित किया है। भारतीय टीम में 10 बॉक्सरों में से 7 बॉक्सर मेडल के सात स्वदेश लौटेंगे, यह वाकई बड़ी कामयाबी है। मैं इसके लिए टीम कोच को और स्पोर्टिंग स्टॉफ को भी बधाई देता हूं।’

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