छात्र राजनीति से राष्ट्रीय राजनीति में कदम रखने वाले हैं कन्हैया कुमार

जेएनयू छात्र संघ के पूर्व अध्यक्ष कन्हैया कुमार अगले लोकसभा के चुनावी मैदान में उतरने को पूरी तरह से तैयार हैं। खबर तो यह है कि सीपीआई कन्हैया को बिहार के बेगुसराय लोकसभा सीट से मैदान में उतारने के मूड में है। टाइम्स ऑफ इंडिया के अनुसार इसकी जानकारी रविवार को सीपीआई के वरिष्ठ नेता और पार्टी के नेशनल काउंसिल सेक्रेटरी केआर नारायना द्वारा दी गई। नारायना ने कहा कि संभवत कन्हैया अगले लोकसभा चुनावों में बेगुसराय सीट से चुनाव लड़ सकता है। फरवरी 2016 में जेएनयू परिसर में देश विरोधी भाषण देने के मामले में कन्हैया पर देशद्रोह का मुकदमा दर्ज किया गया था।

बता दें कि बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार द्वारा विधानसभा चुनावों में महागठबंधन की सरकार से वॉक आउट करने के बाद उन्होंने बीजेपी के साथ गठबंधन कर सूबे में सरकार बना ली थी। इस महागठबंधन में आरजेडी, सीपीआई, सीपीएम, सीपीआई (एमएल), कांग्रेस और जेड़ीयू शामिल थे। इन सभी पार्टियों ने महागठबंधन कर बीजेपी के खिलाफ चुनाव लड़ा था लेकिन  महागठबंधन की यह सरकार ज्यादा दिन न चल पायी और नीतीश ने वॉक आउट कर फिर से बीजेपी का दामन थाम लिया।

कन्हैया के अगले लोकसभा चुनावों में लड़ने की बात पर सीपीआई बिहार के सेक्रेटरी सत्य नारायन ने कहा कि कन्हैया के लिए सभी विकल्प खुले हैं। वे जहां से चाहें चुना लड़ सकते हैं लेकिन संभवत उन्हें बेगुसराय की सीट ही दी जाएगी। बेगुसराय के अलावा खगड़िया, मधुबनी और मोतिहारी भी कुछ सीटें हैं जो कि कन्हैया के लिए विकल्प हैं। अक्सर देखा गया है कि कन्हैया किसी भी कार्यक्रम में जाते हैं तो वे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और बीजेपी पर निशाना साधने से नहीं चूकते हैं।

वैसे तो छात्र राजनीति से मुख्यधारा की राजनीति में आने वाले नेताओं की लिस्ट भारत में काफी लंबी है। लेकिन कन्हैया के ही प्रदेश बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री लालू प्रसाद यादव ने भी राजनीति की शुरूआत छात्र राजनीति से ही की थी। आब यह देखना दिलचस्प होगा कि क्या कन्हैया लालू यादव की तरह राजनीति में सुनहरा भविष्य बना पाते हैं या नहीं।

 

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