सीएम की यात्रा के दौरान घरों में कैद कर दिए गये ग्रामीण

पिछले कुछ समय से ताजमहल काफी सुर्खियों में बना है। यूपी के सरधना से बीजेपी विधायक संगीत सोम ने ताजमहल को भारतीय संस्कृति पर धब्बा बता दिया था। बीजेपी सांसद विनय कटियार ने ताजमहल को शिव मंदिर बताया। वहीं बीजेपी सांसद सुब्रमण्यम स्वामी ने दावा किया कि ताजमहल चोरी की जमीन पर बना है। हालांकि योगी आदित्यनाथ ने संगीत सोम के बयान का खंडन किया और उसके बाद उनका आगरा दौरा इस प्रकरण का डैमेज कंट्रोल माना जा रहा है।

लेकिन इसी बीच आगरा के कच्छपुरा गांव के ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि सीएम योगी आदित्यनाथ की सुरक्षा का हवाला देकर जिला प्रशासन ने गुरुवार (26 अक्टूबर) सुबह सुरक्षा कारणों से उन्हें उनके घरों से बाहर नहीं निकलने दिया गया था। टाइम्स ऑफ इंडिया की रिपोर्ट के अनुसार योगी आदित्यनाथ के मुगल हेरीटेज वॉक के तहत इस गांव का करीब 100 मीटर क्षेत्र आ रहा था।

योगी आदित्यनाथ के दौरे के मद्देजनर पुलिस और सरकारी अफसर चप्पे चप्पे पर मौजूद थे। योगी आदित्यनाथ को गांव के सामने से पैदल ही जाना था। सीएम आदित्यनाथ की यात्रा के दौरान गांववाले केवल अपनी खिड़कियों से उन्हें देख सकते थे। गांववालों ने मीडिया से बातचीत में प्रशासन के इस बरताव पर नाराजगी जतायी और कहा कि वो सीएम योगी आदित्यनाथ को करीब से देखना चाहते थे। आगरा के जिलाधिकारी गौरव दयाल ने टीओआई से कहा कि मुख्यमंत्री की सुरक्षा सुनिश्चित करना आसान नहीं था। जिलाधिकारी ने लोगों को घरों में बंद किए जाने के आरोप से इनकार किया।

जिलाधिकारी ने टीओआई से कहा कि रास्ता काफी संकरा था इसलिए प्रशासन ने हर परिवार से दो लोगों को बाहर रहने के लिए कहा था, परिवार के बाकी सदस्यों से घर के अंदर रहने का अनुरोध किया गया था ताकि बाहर जगह की कमी न हो। जिलाधिकारी ने कहा कि ये फैसला मुख्यमंत्री की सुरक्षा के मद्देनजर लिया गया और सीएम की सुरक्षा से कोई समझौता नहीं किया जा सकता। जिलाधिकारी के अनुसार सीएम योगी आदित्यनाथ के कहने पर बाद में सभी गांववालों को बुलाकर उनसे मिलाया गया था। बीजेपी ने भी गांववालों के लगाए आरोपों से इनकार किया।

 

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