कचरे के डिब्बे को छूने पर दलित महिला को पीटा, अस्पताल में मौत

तस्वीर का इस्तेमाल प्रतीक के तौर पर किया गया है।

 

उत्तर प्रदेश के  बुलंदशहर में जिस गर्भवती दलित महिला की “कूड़ेदान को खराब” करने के आरोप में पिटाई की गयी थी उसकी शनिवार (21 अक्टूबर) को मौत हो गयी। टाइम्स ऑफ इंडिया की रिपोर्ट के अनुसार 15 अक्टूबर को रोहित कुमार और उसकी माँ अंजू देवी ने 34 वर्षीय सुमित्रा देवी की कथित तौर पर लाठी-डंडे से पिटाई कर दी थी। पुलिस में दर्ज शिकायत के अनुसार सुमित्रा देवी के पेट में गंभीर चोटें लगी थीं। सुमिक्षा की नौ वर्षीय बेटी हमले के समय मौके पर मौजूद थी। पुलिस ने शिकायत दर्ज करते हुए दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। ये घटना बुलंदशहर के खेतलपुर भंसोली गाँव की है।

सुमित्रा देवी के पति दिलीप कुमार ने टाइम्स ऑफ इंडिया को बताया कि पिटाई के कारण सावित्री का तुरंत गर्भपात हो गया था। वो नौ महीने से गर्भवती थीं। उन्हें गंभीर हालत में जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया था। बाद में डॉक्टरों ने उन्हें घर वापस भेज दिया। शनिवार (21 अक्टूबर) को जब सुमित्रा देवी की तबीयत दोबारा बिगड़ गयी तो उन्हें घरवाले अस्पताल लेकर गये। अस्पताल पहुंचने से पहले सावित्री बेहोश हो चुकी थीं। डॉक्टरों ने कहा कि अस्पताल पहुंचने से पहले ही उनका देहांत हो चुका था।

दिलीप कुमार ने टीओआई को बताया, “मेरी पत्नी ने कूड़ेदान को गलती से छू दिया था। लेकिन रोहित और उसकी माँ अंजू ने उसे बुरी तरह पीटा और उसे कूड़ेदान को खराब करने का आरोप लगाया। वो ठाकुर समुदाय से आते हैं। 15 अक्टूबर को हम कोतवाली देहात पुलिस थाने गये थे लेकिन पुलिस ने हमें लौटा दिया था। शुक्रवार (2 अक्टूबर) को हमारी शिकायत दर्ज की गयी।” रिपोर्ट के अनुसार पुलिस एसपी प्रवीण रंजन ने बताया कि आईपीसी की सभी संबंधित धाराओं के तहत दोनों आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया गया है और एसपी स्तर के अधिकारी मामले की जांच कर रहे हैं। टीओआई के अनुसार कोतवाली (ग्रामीण) के थाना प्रभारी तापेश्वर सिंह ने बताया कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट के अनुसार सुमित्रा देवी की मौत सिर में अंदरूनी चोट लगने से हुई।

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