निकाय चुनाव में पहली बार नोटा का विकल्प : पूरी ख़बर पढ़ें

निकाय चुनाव में पहली बार (नोटा) का विकल्प होगा शामिल और उम्मीदवारों को नोटा काफ़ी दिक्कत देने वाला है .

राज्य निर्वाचन आयोग उत्तर प्रदेश के विशेष कार्याधिकारी जय प्रकाश सिंह की ओर से जिलाधिकारी को भेजे गए पत्र में नोटा विकल्प की जानकारी दी गई है। पत्र में कहा गया है कि कुछ लोग अपना मत किसी भी प्रत्याशी को नहीं देना चाहते हैं। ऐसे में वह वोट डालते हुए अपना यह विकल्प चुन सकेंगे।

नोटा का चिह्न ईवीएम और मतपत्र दोनों में होगा

नगरीय निकाय चुनाव में ऐसे मतदाता जो गोपनीयता भंग न करते हुए अपना मत किसी को न देना चाहते हो, उनके लिए नोटा का चिह्न ईवीएम और मतपत्र दोनों में होगा। सभी प्रत्याशियों के चुनाव चिह्न के नीचे क्रॉस का चिह्न दिखेगा।

मतदाता अगर किसी प्रत्याशी को नहीं चुनना चाहेंगे तो उसके आगे के खाने का बटन ईवीएम में दबा सकेंगे। मतपत्र में क्रास के चिह्न के आगे अपनी मुहर लगाएंगे। सहायक निर्वाचन अधिकारी वीके श्रीवास्तव ने बताया कि निकाय चुनाव में नोटा का विकल्प पहली बार मतदाताओं को मिलने जा रहा है।

निकाय चुनाव में राज्य निर्वाचन आयोग उत्तर प्रदेश ने नोटा को शामिल कर के मतदाताओं को तो एक तोहफ़ा दिया है. लेकिन, उमीदवारों के लिए ये किसी तकलीफ़ से कम नहीं है और ये किस हद तक तकलीफ़ देता ये तो इलेक्शन के वक़्त पता चलेगा.

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