सावधानः यदि यह लक्षण हैं तो आपको है थॉयराइड

आजकल बदलती दिनचर्या के कारण थॉयराइड की बीमारी आम हो गयी है। लेकिन यदि इस पर समय रहते कंट्रोल नहीं पाया गया तो यह आपके लिए जानलेवा भी साबित हो सकती है। आइए जानते हैं महिलाओं में थॉयराइड के शरुआती लक्षणों के बारे मेंः-

वज़न बढ़नाः- थायराइड के कारण मेटाबॉलिज्म की दर धीमी पड़ जाती है। इसका मतलब यह कि आप जो खाना खाती हैं, उसका आपकी एनर्जी की आवश्यकताओं के लिए उचित तरीके से इस्तेमाल नहीं हो पा रहा है। परिणामस्वरूप, आपकी बॉडी में फैट का अस्पष्ट जमाव और वजन बढ़ना शुरू हो जाता है।जब थायराइड अंडरएक्टिव होता है तो शरीर को पर्याप्त एनर्जी नहीं मिलती। जिसके कारण लगातार थकान और नींद आती रहती हैं। यहां तक कि किसी भी हल्की-फुल्की फिजिकल एक्टिविटी के बाद भी व्यक्ति बहुत ज्यादा थका हुआ महसूस करता है।हायपरथायराइड से पीडि़त लोगों में मांसपेशी और जोड़ों में दर्द हो सकता है, खासकर बांह और पैर में। इसके अलावा बांह के ऊपरी हिस्‍से में दर्द भी हो सकता है।

आंखो में समस्याः- महिलाओं में आंखों की बीमारियां भी हो जाती हैं जैसे आंखें लाल होना, खुजली होना, आंखों में सूजन आदि। कई महिलाओं में पानी और शरीर के दूसरे फ्लूड्स का अत्यधिक अवरोधन शुरू हो जाता है, जो हाथों और पैरों में हल्के सूजन के रूप में नजर आता है। अंगूठी और चूड़ियां भी हल्की कस जाती हैं।

सेक्स में अरूचिः- थायराइड प्रतिकूल रूप से शारीरिक आवश्यकताओं पर भी असर डालता है। कुछ महिलाएं सेक्सुअल इंटरकोर्स या किसी दूसरे फिजिकल इंटीमेसी में बिल्कुल दिलचस्पी नहीं लेतीं। समस्या तब और ज्यादा खराब हो जाती है जब उनके अंदर सेक्सुअल एक्टिविटी से घृणा बढ़ जाती है। अंडरएक्टिव थायराइड ग्लैंड अकसर महिलाओं की आवाज़ में भी परिवर्तन लाता है। उनकी आवाज़ पहले से भारी और हार्श हो जाती हैं। जब महिलाएं बात करती हैं तो इरिटेटिंग क्वालिटी और कर्कशपन भी महसूस किया जा सकता है।

अनियमित मासिक धर्मः- महिलाओं में पीरियड्स में अनियमितताएं शुरू हो जाती है। यह पहले की तुलना में लाइटर या हेवियर रूप में हो सकता है। इसके अलावा, कई महिलाओं में दो पीरियड्स के इंटरवल में भी अनियमितता शुरू हो जाती है जैसे 28 दिन का साइकिल 40 दिन का बन सकता है। इस रोग से डिप्रेशन की समस्या भी उत्पन्न हो जाती है। एक शोध के अनुसार मानसिक तनाव का संबंध थायराइड हार्मोन्स का कम उत्पादित होना है परंतु डिप्रेशन के रोगी थायराइड परीक्षण नहीं कराते जिससे इस रोग का पता नहीं चल पाता।

यदि आपके अंदर भी इनमें से कोई लक्षण दिखाई दे रहे हैं तो फौरन डॉक्टर से सलाह लेकर नियमित रुप से उपचार करें।

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