नजीब की माँ पर दिल्ली पुलिस की बेरहमी, घसीट कर ले गयी थाने

अपने लापता बेटे नजीब के वापस आ जाने की आस में एक माँ ने साल भर से संघर्ष जारी रखा है । जेएनयू प्रशासन पुलिस और सीबीआई की तमाम आनाकानी के बावजूद न्याय के लिए लड़ाई लड़ती इस मां को आज दिल्ली पुलिस की बेरहमी का शिकार होना पड़ा।

नजीब के गायब होने के ठीक 1 साल बाद आज दिल्ली हाईकोर्ट में सीबीआई की पेशी थी । मामले में कोई विशेष पहल न करने के लिए पहले तो सीबीआई को कोर्ट में जमकर फटकार लगाई जाती है, उसके बाद कोर्ट के सामने प्रोटेस्ट कर रहे छात्र-छात्राओं और सामाजिक कार्यकर्ताओं को गिरफ्तार करके तिलक नगर थाने में ले जाया जाता है ।

दिल्ली पुलिस का क्रूरतम चेहरा तब देखने को मिला जब लापता बेटे के लिए न्याय की आस में खड़ी मां को जबरदस्ती घसीटकर पुलिस की जीप में रखा गया ।

इस दौरान नजीब की मां चीखने चिल्लाने लगी और निवेदन करती रही कि मैंने कौन सी अराजकता फैलाई है मुझे जबरदस्ती क्यों गिरफ्तार किया जा रहा है ? लेकिन दिल्ली पुलिस ने एक न सुनी और उनको घसीटकर जीप में डाल दिया इतनी सख़्ती दिखाने वाली दिल्ली पुलिस ने उनके साथ नरमी बरती जो नजीब के साथ मारपीट के मामले में 1 साल से संदिग्ध है।

गौरतलब है कि ठीक 1 साल पहले 15 अक्टूबर 2016 को जेएनयू के छात्र नजीब अहमद की झड़प ABVP के कुछ कार्यकर्ताओं से होती है और उसके बाद दर्जनों कार्यकर्ता आकर पहले नजीब की पिटाई करते हैं फिर उसके अगले दिन नजीब जेएनयू से गायब हो जाता है। तब से प्रशासन, पुलिस और सीबीआई के लोग पूरे मामले में आनाकानी करते हुए परिवारजनों को गुमराह कर रहे हैं।

 

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