कानपुर के ऐतिहासिक नानाराव पार्क से हटेंगी पटाखा दुकानें : हाईकोर्ट

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने नानाराव पार्क में लगीं थोक पटाखा दुकानें 24 घंटे के अंदर हटाने का आदेश दिया। मेस्टन रोड में लगने वाली थोक पटाका दुकानों को कुछ साल पहले नानाराव पार्क में लाया गया था। विकलांग वृद्धा, बेवा उत्थान समिति के रफत महमूद और चंदन गर्ग लंबे समय से इसकी लड़ाई लड़ रहे थे। डीएम से लेकर सीएम तक इन लोगों ने नानाराव पार्क को बचाने की गुहार लगाई थी। इलाहाबाद से इसकी सूचना आते ही पटाखा दुकानदारों में मायूसी छा गयी।

रफत महमूद की पीआईएल पर मुख्य न्यायाधीश दिलीप बी घोसले और न्यायाधीश मनोज कुमार गुप्ता नौ दिनों से लगातार इस मामले की सुनवाई कर रहे थे। रफत महमूद के अधिवक्ता आरजे सिंह ने बताया कि शुक्रवार को बहस समाप्त होने पर मुख्य न्यायाधीश ने अपना फैसला सुनाया। उन्होंने कहा कि हरे-भरे पार्क के अंदर से पटाखे दुकानें हटाकर कहीं और ले जाएं। दुकानदारों की तरफ से अधिवक्ता ने हाईकोर्ट से ही स्थान तय करने को कहा तो अदालत ने कहा यह उसका काम नहीं है, डीएम और नगर निगम यह खुद तय करेंगे।

आरजे सिंह के अनुसार पीआईएल के खिलाफ कानपुर प्राशासन की ओर से सिटी मजिस्ट्रेट पैरवी के लिए पहुंचे थे, पटाखा दुकानों की फोटो पेश करते हुए प्रशासन की तरफ से बताया गया कि वह कितनी सुरक्षित हैं लेकिन हराभरा पार्क देख अदालत ने दुकानें हटाने को कहा। इस मुद्दे पर सिटी प्रशासन को अदालत की फटकार भी लगी।

इस फ़ैसले के बाद से पटाखा व्यापारियों के चेहरे पर मायूसी सी छा गयी और लाखो रुपये के माल को बेचना उनके लिए एक बड़ी चुनौती होगी, और अब व्यापरी किस शहर की किस जगह पर दूकान लगायेंगे ये भी ये एक सवाल बना हुआ है .

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