अब 18 साल से कम उम्र की पत्नी से संबध बनाना रेप समझा जाएगा

सर्वोच्च न्यायालय ने बाल विवाह रोकथाम के लिए एक कड़ा फैसला सुनाया है। सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि 15 से 18 साल की उम्र की पत्नी के साथ सेक्स को रेप माना जाएगा। साथ ही इसमें आईपीसी के तहत सज़ा दी जाएगी। 15 से 18 साल की पत्नी के साथ सेक्स को रेप नहीं मानने संबंधी कानून रद्द करने की मांग से जुड़ी पिटीशन पर कोर्ट ने 6 सितंबर को फैसला सुरक्षित रखा था।

सामान्य तौर पर सेक्स के लिए सहमति की उम्र 18 साल मानी गई है। लेकिन कानून में अपवाद है कि 15 साल से ज्यादा उम्र की पत्नी से संबंध बनाना रेप नहीं है। जस्टिस एमबी लोकुर की बेंच ने पूछा था कि पति-पत्नी के मामले में यह अपवाद क्यों रखा है? सरकार के वकील ने कहा कि अगर इसकी तह में जाएंगे तो वैवाहिक दुष्कर्म के पहलू खंगालने होंगे, जो कि भारत में है ही नहीं।

न्यूज एजेंसी के मुताबिक सुप्रीम कोर्ट ने बाल विवाह को लेकर भी चिंता जताई। कोर्ट ने कहा कि सामाजिक न्याय के लिए बने कानूनों को लागू ही नहीं किया जाता। जिसके गंभीर परिणाम समाज में देखने को मिल रहे हैं।

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