सेक्स चेंज करवाने की मिली इतनी बड़ी सज़ा

भारतीय नेवी ने सेक्स चेंज सर्जरी करवाने को लेकर अपने एक नाविक को बर्खास्त कर दिया है। नेवी ने उसे नियमों का उल्लंघन करने का दोषी पाया। साबी, जिन्हें पहले मनीष गिरी के नाम से जाना जाता था, उन्होंने अगस्त में अपनी छुट्टियों के दौरान सेक्स चेंज सर्जरी करवाई थी।

नेवी ने बयान जारी कर कहा है कि भारतीय नेवी ने नाविक मनीष गिरी को बर्खास्त कर दिया है। उन्हें नियमों के उल्लंघन का दोषी पाया गया है। उन्होंने छुट्टी के दौरान अपनी मर्जी से सेक्स चेंज सर्जरी करवाई थी। नौसेना में भर्ती के बाद शामिल होने के दौरान उनकी जो लैंगिक स्थिति थी, उसमें बदलाव कर उन्होंने नेवी के नियमों का उल्लंघन किया है। मामले में आगे की कार्रवाई के लिए नेवी ने इस मामले को गृहमंत्रालय को भी भेज दिया है।

बयान में आगे कहा गया, नाविक को लैंगिक स्थिति, मेडिकल स्थिति और भर्ती संबंधी बंदिशों के कारण सेवा में बने रहने की इजाजत नहीं दी जा सकती है। ऐसे में उन्हें प्रशासनिक रूप से सेवा से हटा दिया गया है। साथ ही अपनी नियुक्ति की योग्यता के मानकों को भी तोड़ा है।

हिंदुस्तान टाइम्स के मुताबिक, नेवी को तब तक इस सर्जरी के बारे में नहीं पता था, जब तक नाविक यूरिनरी ट्रेक्ट इंफेक्शन के चलते बीमार होने के कारण तीन हफ्तों की लंबी छुट्टी के बाद विशाखापतनम के नौसेना बेस वापस लौट नहीं आया।

जब गिरी के सीनियर्स को सर्जरी के बारे में पता चला, तो उन्होंने उसे साइकेट्रिस्ट ट्रीटमेंट के लिए नेवी के अस्पताल में भेज दिया। मनीष ने कहा कि मुझे छह महीनों तक पुरुषों के साइकेट्रिस्ट वार्ड में रखा गया। यहां रहना जेल में रहने के बराबर था। जब डॉक्टर ये साबित करने में नाकाम रहे कि मैं दिमागी रूप से बीमार हूं, तो आखिरकार मुझे डिस्चार्ज कर दिया गया।

उन्होंने कहा, मैं बतौर इंजीनियर काम कर रहा था और शिप पर मेरी ज़रूरत होती थी। लेकिन मेरी नई पहचान के कारण मुझे शिप से हटाकर बेस पर काम करने के लिए मजबूर किया गया। जब तक मुझे न्याय नहीं मिल जाता, मैं तब तक लडूंगी। मैं अपने वकील से चर्चा कर रही हूं और जल्द ही कोर्ट का दरवाजा खटखटाउंगी।

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