सिक्के नहीं लिया तो हो सकती है उम्रकैद

भारतीय रिजर्व बैंक ने 20 नवंबर 2016 को एक सर्कुलर जारी किया था . जिसमें स्पष्ट रूप से कहा गया था की सिक्के लीगल टेंडर हैं . और इनको लेने से कोई मन नहीं कर सकता . सरकार सिक्कों की टकसाल में ढलाई कराती है। यह लीगल टेंडर हैं। इन्हें लेने से इनकार करना राजद्रोह की श्रेणी में आता है। राजद्रोह में उम्रकैद तक की सजा है.
आरबीआई अफसरों के साथ बैठक जल्द 
कानपुर के जिलाधिकारी सुरेंद्र सिंह का कहना है कि सिक्के लीगल टेंडर हैं। इन्हें लेने से कोई इनकार नहीं कर सकता है। यह समस्या गंभीर है। जल्द ही आरबीआई अफसरों, लीड बैंक मैनेजर और स्थानीय बैंक अफसरों के साथ बैठक कर समस्या का समाधान कराया जाएगा।

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