तैरकर स्कूल जाते थे देश के यह प्रधानमंत्री

पूर्व प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री की आज 113वीं जंयती है। इस मौके पर प्रधानमंत्री मोदी ने एक वीडियो साझा करते हुए ट्वीट किया, “किसानों और जवानों को प्रेरणा देने वाले और राष्ट्र का कुशल नेतृत्व करने वाले शास्त्री जी को मेरा नमन, लाल बहादुर शास्त्री को उनकी जयंती पर याद कर रहा हूं.” मोदी ने विजय घाट जाकर पूर्व प्रधानमंत्री की समाधि पर पुष्पांजलि भी अर्पित की।

उत्तर प्रदेश के मुगलसराय में जन्में पूर्व प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री के पिता एक स्कूल शिक्षक थे. जब लाल बहादुर शास्त्री केवल डेढ़ वर्ष के थे तभी उनके पिता का निधन हो गया। बचपन से ही शास्त्री जी को काफी गरीबी और मुश्किलों का सामना करना पड़ा। कई जगह इस बात का भी जिक्र किया गया है कि पैसे नहीं होने की वजह से लाल बहादुर शास्त्री तैरकर नदी पार कर स्कूल जाया करते थे। आर्थिक तंगी की वजह से शास्त्री जी को खासी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा था। उनको वाराणसी भेज दिया गया, पढ़ाई करने के लिए वह कई मीलों पैदल चलकर स्कूल जाते थे।

हमेशा शास्त्री जी जात-पांत का हमेशा विरोध करते रहे। यहां तक कि उन्होंने कभी अपने नाम के आगे भी अपनी जाति का उल्लेख नहीं किया। शास्त्री की उपाधि उनको काशी विश्वविद्यालय से मिली थी। तमाम आर्थिक तंगी से जूझते हुए शास्त्री जी प्रधानमंत्री की कुर्सी तक पहुंचे और देश का सफल नेतृत्व किया।

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