ओमान से क्यों भगाए गए धर्मगुरू सलमान नदवी

खाड़ी देश ओमान ने भारत के एक चर्चित जिहाद समर्थक कट्टर मुस्लिम धर्मगुरु सलमान नदवी को देश से बाहर निकाल दिया है। नदवी पर एक लेक्चर देकर लोगों को उकसाने के आरोप हैं। मसकट के डोप्लोमेट सूत्रों ने नदवी के निष्कासन की पुष्टि की है। आरोप है कि मौलाना सलमान नदवी ने पिछले सप्ताह ओमान के शरिया साइंस कॉलेज में एक व्याख्यान दिया था जिसमें कतर पर बैन लगाने की वजह से सऊदी अरब और उसके सहयोगी खाड़ी देशों पर हमला करने की अपील की गई थी।

बता दें कि सऊदी अरब की अगुवाई में कई खाड़ी देशों ने ईरान और आतंकवाद का समर्थन करने वाले कतर पर इस साल जून में ना केवल प्रतिबंध लगा दिया है बल्कि अपने-अपने राजनयिक संबंध भी तोड़ लिए हैं। कतर पर प्रतिबंध लगाने वालों में सऊदी अरब के अलावा मिस्र, संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) और बहरीन भी शामिल है। इस बैन से खफा सलमान नदवी ने अपने लेक्चर में खाड़ी देशों पर हमले की अपील की थी, जिसे ओमान ने अपने देश की नीति और सिद्धांत के खिलाफ माना था।

हालांकि, ओमान से निष्कासन के बाद नदवी मिस्र के वृद्ध इस्लामी धर्मगुरू युसूफ अल करजावी के साथ कतर की राजधानी में देखे गए। गौरतलब है कि करजावी को अरब देशों ने प्रतिबंधित लोगों के सूची में डाल रखा है। उस पर आतंकवाद को कथित तौर पर समर्थन देने के आरोप हैं। कतर की राजधानी दोहा में सलमान नदवी के साथ करजावी के देखे जाने से भारतीय सुरक्षा एजेंसियां चौकस हो गई हैं। वैसे साल 2014 से ही सुरक्षा एजेंसियां नदवीं पर नजर बनाए हुई हैं।

2014 में नदवी ने एक पत्र लिखकर आईएसआईएस चीफ अबू बकर अल बगदादी को इस बात के लिए बधाई दी थी कि उसने मोसुल की एक मस्जिद से खिलाफत की घोषणा की थी। बगदादी को बधाई देने के बाद से ही नदवी भारतीय सुरक्षा एजेंसियों के अलावा दूसरे देशों की गुप्तचर एजेंसियों के रडार पर है। गौरतलब है कि सलमान नदवी का संबंध लखनऊ स्थित दारुल उलूम नदवतुल उलेमा से है। नदवी कभी सऊदी अरब के पक्के प्रशंसक थे।

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