1 साल में दुनिया से 460 एटमी वेपन्स कैसे हुए ख़त्म: जाने

न्यूक्लियर वेपंस को लेकर एक अच्छी ख़बर सामने आई है. स्टॉकहोम इंटरनेशनल पीस रिसर्च इंस्टीट्यूट की जारी एक रिपोर्ट के अनुसार दुनिया में  एटमी हथियारों की तादाद घट रही है 

पिछले एक साल में दुनिया से करीब 460 एटमी हथियार कम हो गए। हालांकि, एशिया में एटमी हथियारों की होड़ बढ़ना चिंता की बात है। रिपोर्ट के मुताबिक, एशिया में विवादों की वजह से चीन, भारत, पाकिस्तान और नॉर्थ कोरिया अपने एटमी हथियारों का जखीरा बढ़ा रहे हैं। भारत का चीन और पाकिस्तान से विवाद चल रहा है, जबकि नॉर्थ कोरिया की अमेरिका और साउथ कोरिया के साथ तनातनी चल रही है।

एटमी हथियारों के खिलाफ 51 देश साथ

नॉर्थ कोरिया एटमी संकट के बीच 51 देशों ने न्यूक्लियर वेपंस को गैर कानूनी घोषित करने के लिए नई ट्रीटी पर यूएन जनरल असेंबली के दौरान बुधवार को दस्तखत किए। जुलाई में ऑस्ट्रिया, ब्राजील, मेक्सिको, दक्षिण अफ्रीका और न्यूजीलैंड की लीडरशिप में 122 देशों ने इस ट्रीटी को मंजूरी दी थी। परमाणु हथियार वाले नौ देश अमेरिका, रूस, ब्रिटेन, चीन, फ्रांस, भारत, पाकिस्तान, उत्तर कोरिया और इजरायल इसमें शामिल नहीं हुए हैं। ये सभी इस ट्रीटी के विरोध में हैं।
स्टॉकहोम इंटरनेशनल पीस रिसर्च इंस्टीट्यूट (सिपरी) के परमाणु हथियार प्रोजेक्ट के प्रमुख शैनन किले ने कहा- “न्यूक्लियर प्रोलिफिरेशन (परमाणु अप्रसार) के क्षेत्र में हाल में उठाए कदम उत्साहजनक हैं।” रिपोर्ट के मुताबिक, अमेरिका, रूस, ब्रिटेन, चीन, भारत, पाक समेत 9 देशों के पास 14,935 परमाणु हथियार हैं। सिपरी के मुताबिक, दुनिया में सबसे ज्यादा एटमी हथियार रूस के पास हैं। उसके पास करीब 7 हजार हथियार हैं। अमेरिका इस मामले में दूसरे नंबर पर है। एशिया में सबसे ज्यादा परमाणु हथियार चीन के पास हैं।
एशिया में होड़: पाकिस्तान के पास हैं भारत से ज्यादा परमाणु हथियार एशिया में परमाणु हथियारों को बढ़ाने की होड़ मची है। चीन, भारत, पाकिस्तान और नॉर्थ कोरिया अपने हथियारों की तादाद बढ़ा रहे हैं। तनाव की वजह से इन देशों के परमाणु जखीरे में भी इजाफा हुआ है। पाक के पास भारत से ज्यादा हथियार हैं।

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