यह क्या कह गए सुब्रमण्यन स्वामी

अपने बयानों से अकसर विवाद में घिरे रहने वाले सुब्रमण्यन स्वामी ने बीएचयू विवाद की तुलना नक्सलवाद से की है। उनका कहना है कि अच्छा हुआ वाइस चांसलर ने छात्राओं को ऑफिस में घुसने नहीं दिया वर्ना वह हिंसा फैला सकती थीं।

न्यूज एजेंसी एएनआई की खबर के मुताबिक इस मामले में स्वामी का पूरा समर्थन बीएचयू के वाइस चांसलर के साथ है।स्वामी ने कहा, ‘मैं इस मामले में वाइस चांसलर का समर्थन करता हूं क्योंकि ये विरोध नक्सल आंदोलन की तरह से लग रहा है. जिसका मतलब है कि वे (छात्र-छात्राएं) वीसी के ऑफिस में घुसना चाहते थे, जहां वो हिंसा फैला सकते थे।’

स्वामी ने इसके आगे यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का भी समर्थन करते हुए कहा कि योगी ने इस इस मामले की विस्तृत रिपोर्ट मंगवाकर अच्छा किया है।

स्वामी ने इसके आगे कहा, ‘यह अवास्तविक लग रहा है, क्योंकि वे कह रही हैं कि छेड़छाड़ हुई, लेकिन हमें उनकी पहचान पता ही नहीं और ये दूसरे स्टूडेंट्स को कैसे पता चला। और क्या लड़की ने तुरंत इसकी रिपोर्ट दी या नहीं?’

गौरतलब है कि बनारस में लड़कियों पर पुरुष पुलिसकर्मियों द्वारा लाठीचार्ज के बाद अलग-अलग तबके के लोगों में काफी रोष है। जिसके बाद बीएचयू के लंका इलाके के एसओ को लाइन हाजिर कर दिया गया है। वहीं भेलूपुर के सीओ निवेश कटियार को भी उनके पद से हटा दिया गया है।

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