‘महिलाओं में नहीं होता पावभर भी दिमाग’

महिलाओं के प्रति पुरूषों की सोच हमेशा से संकीर्ण रही है। हम चाहे कितना भी महिला सश्क्तीकरण का नारा लगा लें लेकिन वास्तव में पुरूषवादी मानसिकता की गहरी जड़ें आज भी मौजूद हैं। सऊदी अरब के एक प्रशासनिक अधिकारी (धार्मिक फतवा के प्रमुख) ने कहा है कि मुल्क में महिलाओं को ड्राइव करने की अनुमति नहीं दी जानी चाहिए।

तर्क है कि पुरुषों की तुलना में महिला में दिमाग एक चौथाई होता है। इसका एक वीडियो भी सामने आया है। वीडियो में सऊदी अधिकारी कहते नजर आ रहे हैं, ‘आपने सही सुना। महिलाओं को ड्राइव नहीं करने देना चाहिए।’ शेख साद अल हाजरी ने ये बात एक धार्मिक कार्यक्रम के दौरान कही। उन्होंने कहा कि जब दिमागी शक्ति की बात आती है तो एक महिला पुरुष की बराबर नहीं होती। इस दौरान उन्होंने कथित उदाहरण से समझाया कि महिलाओं के पास आधा दिमाग होता है। इसलिए सऊदी अरब की रोड और ट्रैफिक सेफ्टी अथॉरिटी को उन्हें वाहन चलाने की अनुमति नहीं देनी चाहिए।

इस दौरान शेख साद अल हाजरी ने कहा कि क्या किसी आधे दिमागे वाले शख्स को ड्राइविंग लाइसेंस दिया जा सकता है। ऐसा बिल्कुल नहीं किया जाएगा। हाजरी इतने पर ही नहीं रुके। उन्होंने कहा कि महिलाएं जब खरीदारी के लिए बाजार जाती है तब मौजूदा आधे दिमाग के एक और हिस्से को खो देती हैं। उनके पास सिर्फ एक चौथाई दिमाग बचता है। महिलाएं ड्राइव के लायक नहीं हैं। उनमें सिर्फ एक चौथाई दिमाग होता है। गौरतलब है कि हाजरी का प्रतिक्रिया ऐसे समय में आई है जब मुल्क में ‘महिलाएं ड्राइव के लिए डिजर्व करती हैं’ बहस लगातार जारी है। हालांकि वर्तमान में सऊदी कानूनी के अनुसार देश में महिलाओं के ड्राइव करने पर कोई पाबंदी नहीं है। लेकिन मुद्दे पर लगातार बहस होती रही है। जानकारी के लिए बता दें इस बयान के बाद हाजरी को पद से बर्खास्त कर दिया गया है।

दूसरी तरफ शेख साद अल हाजरी का वीडियो तेजी से ऑनलाइन शेयर किया जा रहा है। जिसपर सऊदी अरब के साथ दुनियाभर के ट्विटर यूजर्स ने तीखी प्रतिक्रिया दी है। कई यूजर्स ने पूछा है कि क्या किसी धार्मिक शख्स को इस तरह के बयान देने चाहिए।

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