झूट बोलने से क्यों होता है, मानसिक और शारीरिक नुक़सान?

Hallabol Desk- झूठ बोलना आपकी सेहत के लिए हानिकारक है, अमेरिका की सैन डीएगो इमोशन लैब यूनिवर्सिटी  के शोधकर्ताओं अपने एक रिसर्च में ये दावा किया है .

शोधकर्ताओं ने पाया कि लोग ज़्यादातर उस शख्स से झूठ बोलते हैं,जो उनके दिल के बेहद करीब होता है. जिसे वह बहुत प्यार करते हैं इसके पीछे सम्बंधित व्यक्ति के मन को ठेस नहीं पहुचाने की मंशा होती है. हालाँकि ऐसा करके वे न सिर्फ अपने रिश्तें बल्कि अपने शारीरिक और मानसिक स्वास्थ को नुकसान पहुंचतें हैं. शोधकर्ताओं ने 18 से 71 के 110 प्रतिभागियों के दैनिक जीवन पर झूठ का प्रभाव आँका . उन्होंने 55 प्रतिभागियों से जीवन साथियों से हर हाल में सच बोलने को कहा. वहीँ ,बाकियों को मौके की नज़ाक़त और साथी की भावनाओं के हिसाब से सच बोलने का फैसला लेने की छूट दी .

दस हफ्ते बाद शोधकर्ताओं ने सभी प्रतिभागियों के शारीरिक और मानसिक स्वास्थ की जांच की . वहीं साथी के दुखी या नाराज़ होने के डर से सच छिपाने वालों में तनाव का स्तर बेहद अधिक पाया गया. मन झूठ बोलने का मलाल होना , साथी की नज़र में भरोसा खोने का डर सताना और सच की हिम्मत नहीं जूता पाना इसकी मुख्य वजह थी.

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