सेक्स के बाद ख़ुद को थका हुआ क्यों महसूस करते हैं पुरुष? जाने

सेक्‍स संबंध को सबसे अच्‍छा व्‍यायाम माना जाता है, लेकिन अक्‍सर पुरुष सेक्‍स संबंध बनाने के बाद थक जाते हैं, कुछ तो सेक्‍स के बाद सोना पसंद करते हैं। वर्तमान में तनाव और वयस्‍त दिनचर्या भी इसके लिए बहुत जिम्‍मेदार है। आगे के स्‍लाइडशो में जानिए सेक्‍स संबंध बनाने के बाद पुरुष थकान क्‍यों महसूस करते हैं।

हार्मोन भी है जिम्‍मेदार

सेक्‍स के बाद पुरूषों को थकान होना या सो जाने के पीछे भी वैज्ञानिक कारण है। यौन संबंध के बाद पुरुषों में होने वाले ऑक्सिटोसिन हॉर्मोन के स्राव और प्रोलेक्टिन के स्राव के कारण भी ऐसा होता है। सेक्स के दौरान पुरुषों के शरीर में ऑक्सिटोसिन हार्मोन का स्राव बढ़ जाता है जो आराम का अनुभव कराता है। इसके कारण ही पुरूषों को सेक्‍स के बाद नींद भी आती है।

सेक्‍स का समय

दरसअसल सेक्‍स संबंध बनाने का समय रात का होता है, यानी इसके बाद नींद की बारी आती है। दिनभर की थकान दूर करने में यौन संबंध की बहुत महत्‍वपूर्ण भूमिका होती है, इससे तनाव दूर होता ही है शररी को भी आराम मिलता है। लिहाजा सेक्‍स संबंध बनाने के बाद पुरुष नींद की आगोश में जाना अधिक पसंद करते हैं। हालांकि यह थकान ज्‍यादा देर के लिए नहीं होती, अगर पुरुष चाहें तो इस पर काबू पा सकते हैं और आफ्टरप्‍ले से महिला पार्टनर को और भी खुश कर सकते हैं।

सेक्‍स संबंध के बाद अधिक कैलोरी समाप्‍त होना

पुरुष सेक्‍स संबध की चरम सीमा तक पहुंचने के बाद थकान का अनुभव करते हैं, जबकि महिलायें आर्गेज्‍म के बाद भी पुरूषों का प्‍यार चाहती हैं लेकिन ज्‍यादातर पुरूष उसे नहीं समझ पाते और चरमसीमा पर पहुंचकर सो जाते हैं। इसके अलावा सेक्‍स संबंध बनाने के दौरान महिलाओं की तुलना में पुरूषों कैलोरी ज्‍यादा खर्च होती हैं, जिससे उनके अंदर थकान बढ़ जाती है और उन्‍हें सोना अधिक पसंद आता है।

तनाव दूर होता है

वैसे ये भी माना ही जाता है कि सेक्‍स अच्‍छी नींद के लिए बहुत अच्‍छा है। इससे नींद बहुत अच्‍छी आती है। यौन संबंध से थकान और तनाव भी दूर होता है। जिसके कारण पुरुष सोना पसंद करते हैं। संभोग क्रिया के दौरान स्‍खलन के बाद पुरुष के सारे अंग आराम मांगते हैं, जिसके कारण पुरुष नींद की आगोश में चले जाते हैं।

नींद आना अच्‍छी बात

सेक्‍स संबंध के दौरान चरम सीम तक पहुंचने के बाद मनुष्‍य के शरीर में होने वाले हार्मोन के स्राव अच्‍छे संकेत हैं, इसका मतलब यह भी है कि आपको सेक्‍स संबंधित कोई बीमारी नहीं। इसलिए सेक्‍स संबंध के बाद थकान और नींद को गलत नजरिये से नहीं देखना चाहिए।

इससे मिलती है एक नई आज़ादी

इस पद्धति के समर्थकों के अनुसार जब लोग ऑर्गाज्‍म मेडिटेशन करने के लिए आते हैं तो उनके दिमाग में कई सारी बाते होती हैं, झिझक होती है। लेकिन इसे करने के बाद इसके बहुआयामी प्रभाव से उन्हें एक कमाल की स्वतंत्रता का अनुभव होता है। फिर सेंटर में दोस्त प्रेमी हो जाता है और प्रेमी दोस्त। सीमाओं की पाबंदी से मुक्ति मिल जाती है।

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